बदायूं। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय बदायूँ में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संयुक्त राष्ट्र दिवस के उपलक्ष्य में एक विचार-विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र संघ के इतिहास, उद्देश्यों, वैश्विक शांति प्रयासों, मानवाधिकारों और उसकी उपलब्धियों तथा वर्तमान चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय नाधा भूड़, सहसवान के भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. देवी शरण रहे। उन्होंने कहा कि मानव कल्याण, शांति और सतत विकास के क्षेत्र में यूएन की भूमिका आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार जायसवाल ने कहा कि यूएन ऐसा वैश्विक मंच है जहां सदस्य देश युद्ध, शांति और गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख सकते हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्या डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि यूएन मानवीय सहायता और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला निरपेक्ष संगठन है, हालांकि यह अभी भी महाशक्तियों के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सका है। मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुमार ने संगठन को विश्व सरकार का एक व्यावहारिक विकल्प बताया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी व संयोजक डॉ. ज्योति विश्नोई ने कहा कि राजनीतिक सीमाओं के बावजूद स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय सहायता जैसे गैर-राजनीतिक क्षेत्रों में यूएन की उपयोगिता निर्विवाद है।
इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार, डॉ. संजीव राठौर, डॉ. गौरव कुमार सिंह, डॉ. जुनेद आलम और डॉ. सारिका शर्मा आदि ने भी विचार रखे।
Budaun Amarprabhat