रामकथा में सुनाया राम-भरत के मिलाप का प्रसंग
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रायपुर बुजुर्ग में बाबा स्कूल के सामने मैदान पर चल रही पांच दिवसीय वैदिक रामकथा में मंगलवार को कथावाचक ओमप्रकाश हंगामा ने चित्रकूट में भरत का राम से मिलाप का प्रसंग सुनाया। उन्होनेे भरत चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि महाराज दशरथ के मृत्योपरांत भरत अपनी ननिहाल से अयोध्या पहुंचे। तब उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई। तब वह राज पाठ त्याग कर पितृ वचन निभाने के लिए वन को गए भगवान राम को मनाकर वापस लाने के लिए वन को चले दिए। चित्रकूट में भरत का राम से मिलाप हुआ। भरत ने भगवान राम से बार-बार अयोध्या वापसी के लिए विनती की लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा कि दोनों भाइयों को पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। उन्होंने जब पिता की मृत्यु का समाचार सुनाया तो राम लक्ष्मण और सीता की आंखों से आंसू निकल पड़े। वन में दोनों भाइयों के प्रेम को देखकर देवता भी नतमस्तक होकर पुष्प वर्षा करने लगे थे और वहां के पत्थर भी पिघल गए थे। कथावाचक ने कई अन्य प्रसंग भी सुनाए। इस मौके पर कई लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat