*🟣 पाइल्स 🟣*
बवासीर या पाइल्स को मेडिकल भाषा में हेमरॉइड्स के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें ऐनस के अंदरूनी और बाहरी क्षेत्र और रेक्टम के निचले हिस्से की शिराओं में सूजन आ जाती है।
*♦️पेट में दर्द♦️*
इसकी वजह से ऐनस के अंदर और बाहर या किसी एक जगह मस्से जैसी स्थिति बन जाती है, जो कभी अंदर रहते हैं और कभी बाहर भी आ जाते हैं। करीब 70 फीसदी लोगों को अपने जीवन में किसी न किसी वक्त पाइल्स की समस्या रही है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है। अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही है तो इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। आनुवांशिक समस्या है।
*♦️कारण♦️*
बवासीर होने का प्रमुख कारण है लम्बे समय तक कठोर कब्ज बना रहना।
सुबह-शाम शौच न जाने या शौच जाने पर ठीक से पेट साफ न होना।
शौच के समय जोर लगाना
टॉयलेट में काफी देर तक बैठना
हेरिडिटि (वन्शानुगत कारण)
डायरिया की समस्या।
भोजन में पोषक तत्तवों की कमी के कारण।
अधिक तला या मसालेदार भोजन खाने से।
अत्यधिक दवाओं के सेवन से।
ओवरवेट होने के कारण विशेषकर पेट व श्रोणी पर ज्यादा वजन पड़ता है जिससे श्रोणी के नसों पर दबाव बढ़ जाता है।
प्रसव के दौरान बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि एनस क्षेत्र पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
ज्यादा दिनों तक हृदय व लीवर से संबंधित बीमारी होने से बवासीर का खतरा हो सकता है।
*♦️लक्षण♦️*
आमतौर पर पाइल्स बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होते और तीन-चार दिन में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। कई बार तो लोगों को पता भी नहीं चलता कि उन्हें पाइल्स हैं। वैसे पाइल्स के यह लक्षण हो सकते हैं
ऐनस के इर्द-गिर्द एक कठोर गांठ जैसी महसूस हो सकती है। इसमें ब्लड हो सकता है, जिसकी वजह से इनमें काफी दर्द होता है।
टॉयलेट के बाद भी ऐसा महसूस होना कि पेट साफ नहीं हुआ है।
शौच के वक्त लाल चमकदार रक्त का आना।
शौच के वक्त म्यूकस का आना
और दर्द का अहसास होना।
ऐनस के आसपास खुजली होना और उस क्षेत्र का लाल और सूजन आ जाना।
बवासीर रोग जिसे पाइल्स भी कहा जाता है आमतौर पर यह रोग गुदा या मलाशय में मौजूद ‘वेरिकोज वेन्स’ रोग होता है। बवासीर मलाशय के अंदरूनी हिस्से या गुदा के बाहरी हिस्सो में भी हो सकता है।
यह मल त्याग के दौरान अधिक ज़ोर लगाने के कारण या गर्भावस्था के दौरान गुदा की नसों में दबाव के कारण हो सकता है।
बवासीर की समस्या होने पर कई प्रकार के लक्षण देखे जा सकते है।
1 दर्दनाक मल त्याग जिससे मलाशय या गुदा को चोट पहुंच सकती है।
2 मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग होना।
3 गुदा से एक बलगम जैसा स्त्राव होना।
4 गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ या मस्से का होना।
5 गुदा क्षेत्र में खुजली,जो लगातार या रुक रुक कर हो सकती है।
पाइल्स के इन लक्षणों को बिल्कुल भी अनदेखा न करे।
क्योंकि यह लक्षण आगे चलकर गंभीर समस्याए पैदा कर सकते है।
Budaun Amarprabhat