तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी में एआई-पावर्ड डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजीः रिवोल्यूशनाइजिंग इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड प्रेडिक्टिव डिसीजन-मेकिंग पर हाइब्रिड मोड़ में सेमिनार में विशेषज्ञों ने साझा किए नवीनतम शोध एवम् तकनीकी अनुभव
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग- सीओई में एआई-पावर्ड डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजीः रिवोल्यूशनाइजिंग इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड प्रेडिक्टिव डिसीजन-मेकिंग पर वन वीक सेमिनार में एआई, मशीन लर्निंग- एमएल और डिजिटल ट्विन तकनीक सरीखी अत्याधुनिक विषयों पर गहनता से मंथन हुआ। इस सुअवसर पर चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, सीजीसी लैंडरन, मोहाली के विभागाध्यक्ष डॉ. दविंदर सिंह और सुंदरदीप विश्वविद्यालय, गाजियाबाद की सीएसई की एचओडी वंदना की ऑनलाइन, जबकि कार्यक्रम के संयोजक राजू, सीओई के वाइस प्रिन्सिपल प्रो. प्रभात कुमार, प्रॉक्टर प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. अशोक कुमार आदि की ऑफलाइन गरिमामयी मौजूदगी रही। इससे पूर्व सीसीएसआईटी के लेक्चर थिएटर-2 में हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सेमिनार का शुभारंभ सेमिनार के चेयर पर्सन एवम् कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया। सुंदरदीप यूनिवर्सिटी, गाजियाबाद में सीएसई की एचओडी वंदना ने स्मार्ट फार्मिंग में डिजिटल ट्विन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मशीन लर्निंग की सुपरवाइज्ड एवम् अनसुपरवाइज्ड तकनीकों के जरिए कृषि क्षेत्र में डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमान मॉडलिंग की उपयोगिता को विस्तार से समझाया। चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, सीजीसी लैंडरन, मोहाली के एचओडी डॉ. दविंदर सिंह ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और हेल्थकेयर मॉनिटरिंग सिस्टम्स में डिजिटल ट्विन तकनीक के वास्तविक उपयोगों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा, वर्तमान युग कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान और डिजिटल परिवर्तन का है, जहां एआई-संचालित डिजिटल ट्विन तकनीक उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और स्मार्ट शहरों के विकास में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह नवाचार और मानव कल्याण का माध्यम बने। सीसीएसआईटी के राजू ने डिजिटल ट्विन के प्रकारों, उसकी संरचना तथा कार्यप्रणाली पर विस्तृत व्याख्यान दिया। सीसीएसआईटी के वैभव शर्मा ने डिजिटल ट्विन के प्रमुख घटकों और एआई तकनीकों पर चर्चा की। गौरव कुमार राजपूत ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल ट्विन के उपयोग, रोगी निगरानी एवम् उपचार प्रणाली में इसके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया। अजय चक्रवर्ती ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल ट्विन के अनुप्रयोगों और पौधों में रोग पहचान के लिए इसके उपयोग पर व्याख्यान दिया। डॉ. प्रीति रानी ने प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, निर्णय सहयोग प्रणाली तथा जोखिम मूल्यांकन मॉडल्स पर विस्तृत चर्चा की। सतिंदर राठी ने डिजिटल ट्विन के निर्माण हेतु डिज़ाइनिंग टूल्स और कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन तकनीकों का प्रदर्शन किया तथा त्रि-आयामी आभासी मॉडलों के निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। प्रो. अशोक कुमार ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में डिजिटल ट्विन की भूमिका, उससे जुड़ी चुनौतियों एवम् विभिन्न केस स्टडीज़ पर प्रकाश डाला। डॉ. रुपल गुप्ता ने स्वास्थ्य क्षेत्र में स्मार्ट डिवाइसों एवम् डिजिटल ट्विन आधारित प्रणालियों की उपयोगिता को रेखांकित किया। प्रो. प्रदीप कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवम् डिजिटल ट्विन तकनीक के भविष्य, भारत में उपलब्ध शोध अवसरों तथा नैतिक चुनौतियों पर विचार प्रस्तुत किए। सेमिनार में डॉ. नमित गुप्ता, अनुज कुमार राघव, भावना गंगवार आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।
Budaun Amarprabhat