*कादरचौक*। बी.आर.सी., असरासी पर बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) एवं एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्य पुस्तकों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस पर नोडल ए.आर.पी. (अंग्रेजी) अंजुम खान ने एफ.एल.एन. के अंतर्गत नाउन, प्रोनाउन, वर्ब (एक्शन वर्ड्स) सेंटेंस, पार्ट ऑफ़ स्पीच, आर्टिकल्स पर विस्तार से चर्चा की। ए.आर.पी. (हिंदी) शैलेन्द्र सिंह ने शाब्दिक आकलन, आधार ब्लॉक, पुनर्समूहन, फोर ब्लॉक, कहानी पुस्तक का परिचय, प्रतीकात्मक प्रभाव, खुले छोर के प्रश्न पर चर्चा परिचर्चा की। ए.आर.पी. (विज्ञान) रत्नेश कुमार ने विभिन्न आकृतियों एवं संख्याओं से नया पैटर्न बनाना एवं 42 दिन की उपचारात्मक शिक्षण योजना पर प्रकाश डाला। संदर्भ दाता पूर्व ए.आर.पी. सुनील कुमार ने डिकोडिंग को विस्तार पूर्वक समझाया। डॉ. जुगल किशोर (राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक) ने ब्लेंडिंग को स्पष्ट तौर पर सरल रूप से समझाया। विनीत सोलंकी, परमानंद, परमवीर सिंह दीवला, जाकिर अली खान, जितेंद्र कुमार, अंकित गुप्ता, जमीर अहमद, कमल किशोर, ललित माहेश्वरी, फरहत जावेद, भावना पटेल, मोहम्मद जुबेर खान, कफील अहमद खान, शाहनवाज खान, भावना मित्तल, साकिब अली खान, मोहिनी गुप्ता, रिचा गर्ग, हरेंद्र मोहन, रूमाना बेगम, ज्योति, लालाराम, मोहम्मद नावेद, देवेंद्र कुमार, सोमेश चंद्र, नेहा सक्सेना,सना मुजम्मिल, मुकेश कुमार यादव आदि। बदायूॅं अमर प्रभात संवाददाता शिव प्रताप सिंह कादरचौक
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