बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज द्वारा आयोजित साप्ताहिक सत्संग में आचार्य संजीव रूप ने धर्म और मानवता पर जोर देते हुए कहा कि असली धार्मिक वही है जो नेक इंसान हो।
आचार्य संजीव रूप ने कहा कि धार्मिक होना केवल मंदिर जाने या देवताओं को अर्पित करने तक सीमित नहीं है। असली धर्म वह है जो घर को ही मंदिर बनाता है, अनाथों, कमजोरों और भूखों की मदद करता है, और माता-पिता की सेवा करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि “दूसरों के दुख में दुखी होना और दूसरों के सुख में सुखी होना ही मानवता है।”
सत्संग में श्रीमती शशि आर्य, श्रीमती पदमा रानी, श्रीमती अरुणा रानी, सत्यम आर्य, कुमारी तृप्ति शास्त्री सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सत्संग में साझा किए गए ये संदेश समाज में सकारात्मक सोच और सेवा भाव को बढ़ावा देने वाले थे।
Budaun Amarprabhat