लखनऊ:
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आज लखनऊ में जारी विज्ञप्ति में बताया कि परिषद के आंदोलन के तीसरे चरण के तहत 20 जनवरी को कर्मचारियों की मांगें पूरी कराने के लिए विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
तिवारी ने कहा कि शासन स्तर पर पदाधिकारियों के साथ संवाद की कमी बनी हुई है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को बार-बार लिखे गए पत्रों का कोई असर नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
उन्होंने आशा बहुओं के न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये किए जाने, संगिनी को स्कूटी भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशाओं के लिए बैठने की व्यवस्था, एएनएम पद पर पदोन्नति जैसी लंबित मांगों को लेकर नाराजगी जताई।
संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने कहा कि विभिन्न विभागों में लाखों रिक्त पद पड़े हैं, जिन पर भर्ती नहीं होने से कार्यरत कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा पदोन्नति, वेतन विसंगतियों का समाधान, पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस इलाज की सरलीकरण और आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने में शासन की उदासीनता से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
सभा में जे एन तिवारी ने खाद्य एवं रसद विभाग के कर्मचारियों का वाहन भत्ता बढ़ाने, संवर्ग पुनर्गठन, सहायक विपणन अधिकारियों को राजपत्रित प्रतिष्ठा और फाइलेरिया निरीक्षक, लैब टेक्नीशियन, सहायक चकबंदी अधिकारी वेतन विसंगतियों का समाधान भी उठाया।
सभा को कोषाध्यक्ष नितिन गोस्वामी, अध्यक्ष होमियोपैथी विभाग सुरेश तिवारी, प्रांतीय सलाहकार शेष नारायण मिश्रा, अयोध्या मंडल अध्यक्ष अयोध्या सिंह, आशा बहु संघ प्रदेश अध्यक्ष कुसुम यादव समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। संचालन ओम प्रकाश गौड़ ने किया।
अमर प्रभात प्रतिनिधि
Budaun Amarprabhat