बरेली/बदायूँ, बुधवार 19 नवंबर। राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ के एनाटमी विभाग में आज कैडवेर सेरेमनी श्रद्धा और संवेदना के वातावरण में सम्पन्न हुई। समारोह का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा में अमूल्य योगदान देने वाले देहदानकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना रहा, जिनकी देह से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर रचना का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है।
कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. मुकत्याज हुसैन ने किया। उन्होंने कैडवेर के प्रति सम्मान, उनकी भूमिका और चिकित्सा शिक्षा में उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि कैडवेर मेडिकल विद्यार्थियों के लिए वास्तविक शिक्षक होते हैं, जिनके सौजन्य से नई पीढ़ी के चिकित्सक शरीर रचना को व्यावहारिक रूप से समझ पाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “डिसेक्शन से पहले कैडवेर को धन्यवाद व सम्मान देना हर विद्यार्थी का पहला धर्म है।”
कार्यक्रम के विशेष अतिथि योग शिक्षक एवं समाजसेवी श्री गिरीधारी सिंह राठौर रहे। उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने स्वयं देहदान का संकल्प लिया है, और उनके इस निर्णय से प्रेरित होकर 12 अन्य व्यक्तियों ने भी देहदान हेतु संकल्प पत्र भरा। उन्होंने विद्यार्थियों को दया, करुणा और सेवा की भावना के साथ चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इसी क्रम में वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी श्री भीमसेन सागर ने भी मंच से ही अपने देहदान का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि “मरीज के लिए चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं। चिकित्सक की सेवा ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र सेवा है।”
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रितुज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता। अतः सभी को चाहिए कि वे इस अनमोल मौके का उपयोग करते हुए चिकित्सा विज्ञान का गहन अध्ययन करें और मरीज हित में कार्य करें।
कार्यक्रम में डॉ. एस.के. मिश्रा, डॉ. वेकंट नारायण, डॉ. लालेन्द्र यादव, डॉ. अर्जित गंगवार, डॉ. मयंक, डॉ. मनीष, डॉ. फैज खान, डॉ. मैधनाथ सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी, लैब टेक्नीशियन प्रमोद, रूबी गुप्ता, पुष्पेन्द्र, टिंकू कश्यप, अशोक कुमार, संदीप कुमार सिंह, शाइस्ता परवीन, ममता, रजनीश कुमार सिंह व मुकेश आदि उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने कैडवेर को समर्पित भाषण एवं कविताएँ प्रस्तुत कर कार्यक्रम में गरिमा और भावनात्मक ताप जोड़ा।
अंत में डॉ. पारूल सक्सेना ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। समारोह देहदानकर्ताओं को श्रद्धांजलि और उनके परिजनों के प्रति हार्दिक आभार के साथ सम्पन्न हुआ।
Budaun Amarprabhat