मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शुक्रवार को आयोजित 17वीं लैंप लाइटिंग एंड ऑथ सेरेमनी में बीएससी नर्सिंग और एएनएम प्रथम वर्ष के 300 स्टुडेंट्स ने नाइटिंगेल की शपथ ली।
एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने अपने संक्षिप्त, लेकिन सारगर्भित संबोधन में नवागत स्टुडेंट्स से कहा कि आज जो लौ आप सभी ने प्रज्ज्वलित की है, इसे अपने भीतर हमेशा जलाए रखें। उन्होंने सीनियर स्टुडेंट्स से आहवान किया कि यह लौ जूनियर स्टुडेंट्स में भी प्रज्ज्वलित होती रहे। अपने संबोधन को उन्होंने इन पंक्तियों से विराम दिया—
“सबको मिल जाएगी मंजिल ये जरूरी तो नहीं,
जिंदगी राह-ए-सफर है यूं ही चलते रहना।
तुम चिरागों की तरह राह में जलते रहना,
हर अंधेरे को उजालों में बदलते रहना..!!”
मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा ध्यानी, उत्तराखंड नर्सेज़ एंड मिडवाइव्स काउंसिल की रजिस्ट्रार एवं स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, देहरादून की प्रिंसिपल ने कहा कि लैंप लाइटिंग केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, मानवता और सेवा की लौ का प्रतीक है। डॉ. ध्यानी ने नर्सिंग के महत्व और मानवीय मूल्यों के पालन पर जोर दिया।
डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने कहा कि लैंप लाइटिंग मानवता की लौ है, जिसे सभी नर्सिंग स्टुडेंट्स को अपने साथ आगे ले जाना चाहिए। वहीं, डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी ने नर्सिंग स्टुडेंट्स को मोमबत्ती पर हाथ रखवा कर नाइटिंगेल की शपथ दिलाई।
सेरेमनी में विश्वविद्यालय की फैकल्टीज़ सहित डेंटल डायरेक्टर गवर्नेंस डॉ. नीलिमा जैन, प्रिंसिपल डॉ. जसलीन एम., वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास, एसएनए एडवाइज़र डॉ. रामकुमार गर्ग, प्रो. जितेन्द्र सिंह, प्रो. योगेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन फैकल्टीज़ प्रो. अनुषी सिंह और मिस रिया भारती ने किया। नवागत स्टुडेंट्स के अलावा सीनियर स्टुडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स और कई अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अक्षत जैन ने समापन में सभी स्टुडेंट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि नर्सिंग का यह नोबल पथ सेवा, समर्पण और मानवता का मार्ग है, और इस लौ को हमेशा जीवन में प्रज्ज्वलित रखना हमारी जिम्मेदारी है।
Budaun Amarprabhat