बदायूँ: 21 नवम्बर।
प्रदेश में वर्षा के समय नदियों और बड़े नालों में पानी का अधिक बहाव लोगों के घरों, गांवों और फसलों के लिए खतरा बना रहता था। इससे जनता और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बाढ़ और जलप्रलय से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृत किया।
इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल लाखों हेक्टेयर फसल सुरक्षित हुई, बल्कि करोड़ों की आबादी को जलभराव और बाढ़ के नुकसान से राहत मिली। उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष मानसून अवधि में नेपाल और सीमावर्ती प्रदेशों से आने वाली नदियों के कारण औसतन 40 जनपद संवेदनशील माने जाते हैं। विभाग ने पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को लागू कर बाढ़ सुरक्षा में नई परंपरा स्थापित की।
वित्तीय वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
2021-22: 167 परियोजनाएँ, 10.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, 46.26 लाख आबादी लाभान्वित।
2022-23: 283 परियोजनाएँ, 3.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, 33.20 लाख आबादी लाभान्वित।
2023-24: 362 परियोजनाएँ, 10.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, 68.97 लाख आबादी लाभान्वित।
2024-25: 321 परियोजनाएँ, 4.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, 60.45 लाख आबादी लाभान्वित।
इस प्रकार, 1133 बाढ़ परियोजनाओं के निर्माण से कुल 30.3 लाख हेक्टेयर भूमि और फसल सुरक्षित हुई और 2.09 करोड़ लोगों को लाभ मिला।
सिंचाई विभाग की यह सक्रिय और केंद्रीकृत दृष्टि समयबद्ध कार्यान्वयन और पूर्ण पारदर्शिता के साथ बाढ़ से सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।
Budaun Amarprabhat