— संवाददाता आई.एम. ख़ान
बिसौली।
दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा, जज़्बे और जिजीविषा का अनुपम संगम उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहकमपुर, विकासखंड आशफ़पुर के प्रांगण में उस समय देखने को मिला, जब खंड शिक्षा अधिकारी श्री प्रेम सुख गंगवार के कुशल निर्देशन में तहसील स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता पूरे उत्साह के साथ संपन्न कराई गई।
सुबह से ही विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, उत्साह और रंगीन सपनों से महक उठा। वे बच्चे, जिन्हें समाज अकसर ‘दिव्यांग’ कहकर अलग पहचान देता है, आज अपनी क्षमताओं की उजली रोशनी से हर तरफ़ एक नया संदेश दे रहे थे।
प्रतियोगिता में लंबी दौड़, कुर्सी दौड़, लेखन प्रतियोगिता, कला प्रदर्शन, तथा दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा छूकर पहचानना, साथ ही गीत–संगीत एवं वाद्य वादन जैसे विविध कार्यक्रमों में नन्हें प्रतिभागियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
समारोह के दौरान विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती संगीता यादव का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने व्यवस्थाओं और संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं स्पेशल एजुकेटर टीम ने भी आयोजन को सफल बनाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।
विकासखंड आशफ़पुर से श्री परशुराम सिंह, श्री तरुण कुमार एवं श्रीमती प्रतिभा उपाध्याय,
वजीरगंज से श्रीमती प्राधान्य मिश्रा और श्रीमती मनीषा,
तथा विकासखंड बिसौली से श्री मुकेश ने अपने अथक सहयोग से प्रतियोगिता को गरिमा प्रदान की।
बच्चों के चेहरे पर जीत की खुशी और सहभागिता का संतोष इस बात का प्रमाण था कि अवसर मिले तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
आज मोहकमपुर के इस मैदान से यही संदेश गूंजा—
दिव्यांग नहीं, सक्षम हैं ये बच्चे… बस पहचानने की ज़रूरत है।
Budaun Amarprabhat