समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक व सांसद धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को संसद में देशभर के लाखों संविदा कर्मियों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र, अनुदेशक, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत कर्मी, रसोइया और अन्य संविदा कर्मचारी आधारभूत व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उनकी अपनी जिंदगी असुरक्षा और शोषण से घिरी हुई है।
उन्होंने बताया कि इन कर्मियों को न्यूनतम मानदेय, अस्थायी नौकरी, ठेकेदारों द्वारा शोषण, एसआईआर में फंसने का डर, स्वास्थ्य और बीमा जैसी सुविधाओं का अभाव—ये सभी परिस्थितियाँ उनके जीवन को लगातार कठिन बनाती जा रही हैं।
धर्मेंद्र यादव ने सरकार से मांग की कि “अब समय आ गया है कि इन सभी को स्थायी नियुक्ति दी जाए, ताकि इन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य मिल सके।” उन्होंने जोर दिया कि स्थायीकरण के साथ-साथ प्रत्येक संविदा कर्मी को स्वास्थ्य सुरक्षा, बीमा, पेंशन और शोषण-मुक्त कार्य व्यवस्था की गारंटी भी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नीति का विषय नहीं, बल्कि उन परिवारों की गरिमा और उम्मीद का सवाल है, जिन्होंने वर्षों से समर्पित होकर सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा है।
सपा सांसद ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में सड़क से लेकर संसद तक इन कर्मियों के साथ खड़ी है।
“जब तक इन सभी को न्याय नहीं मिलता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी,” उन्होंने दमदार आवाज में कहा।
Budaun Amarprabhat