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प्रवीन “नादान” की किताब “नादान की नादानियां” का विमोचन, हिंदी की अस्मिता पर हुई चर्चा

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संवादाता: आई एम खान
बिसौली: नगर के मधुबन फार्म हाउस में स्थानीय साहित्यकार प्रवीन कुमार “नादान” की पुस्तक “नादान की नादानियां” का विमोचन एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां शारदे के समवेत दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
सोमवार को हुए इस समारोह में व्यंग्यकार प्रवीन अग्रवाल “नादान” की पुस्तक का विमोचन गाजियाबाद इस्कॉन से श्रीमान दामोदर दास लीला प्रभु तथा विशिष्ट अतिथियों “आज तक” के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर, लेखक एवं गीतकार पंकज कुमार, अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. सोनरूपा विशाल, वरिष्ठ साहित्यकार एवं संपादक डॉ. सतीश चंद्र शर्मा सुधांशु, और मिमिक्री आर्टिस्ट अमित गुप्ता ने किया।
विशिष्ट अतिथि पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हमें हिंदी भाषा की अस्मिता, दिशा और दशा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सभी से हिंदी में बोलचाल और साहित्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
प्रवीन “नादान” की यह पुस्तक अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और गूगल पर भी उपलब्ध है। कार्यक्रम में प्रवीन अग्रवाल नादान के परिवारजन और साहित्य के विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे, जिनमें श्याम अग्रवाल, अंजलि अग्रवाल, पारुल अग्रवाल, रविंद्र अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, राकेश गोयल, पूनम अग्रवाल, रुद्राक्ष अग्रवाल, नायसा अग्रवाल, नंदिनी, राधा अग्रवाल, रवि प्रकाश अग्रवाल, सुभाष चंद्र अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, पुष्पेन्द्र नाथ गर्ग, संजय अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, राजू साहनी, रितु साहनी, मनोज यादव आदि शामिल थे।
कार्यक्रम में साहित्य, हास्य और व्यंग्य के रंग का मेल देखने को मिला और उपस्थित जनों ने लेखक की सराहना की।


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