2025: लखनऊ में अपराधों का साया,
आतंकी कनेक्शन से फैला डर का माहौल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए वर्ष 2025 कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। साल की शुरुआत से लेकर अंत तक जघन्य हत्याओं, दुष्कर्म की वारदातों, लूट-डकैती, चेन स्नैचिंग और तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों ने शहरवासियों में भय का वातावरण बनाए रखा। अपराधियों के बदलते तरीकों और उनकी बेखौफी ने पुलिस के लिए नई मुश्किलें खड़ी कीं, हालांकि कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी हुई।साल की शुरुआत ही एक जनवरी को पारिवारिक विवाद में मां और चार बहनों की निर्मम हत्या से हुई, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। यह घटना घरेलू हिंसा की क्रूरता को उजागर करने वाली सबसे सनसनीखेज वारदातों में से एक रही। जनवरी-फरवरी में लूट और डकैती के दौरान हत्याओं की कई घटनाएं सामने आईं।
आलमबाग, कृष्णानगर और पीजीआई जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बदमाशों ने खुले आम वारदातें कीं। बुजुर्गों को बंधक बनाकर लूटना, व्यापारियों पर गोली चलाना और महिलाओं से छीनाझपटी की घटनाएं आम हो गईं।महिला सुरक्षा के मोर्चे पर साल बेहद चिंताजनक रहा। जून में आलमबाग में ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ सड़क पर दुष्कर्म की घटना ने पुलिस की गश्त पर गंभीर सवाल उठाए। पुलिस ने महज 12 घंटे में आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया, लेकिन ऐसी वारदातों ने महिला अपराध को साल का सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया। इसके अलावा चलती कार में छात्रा से छेड़छाड़, ऑटो में महिला के साथ दुष्कर्म, स्कूल वैन चालक द्वारा बच्ची से छेड़खाड़ और नाबालिगों पर अत्याचार जैसी घटनाएं समाज को लगातार झकझोरती रहीं।चेन स्नैचिंग पर पुलिस पूरी तरह अंकुश नहीं लगा सकी।
मई से सितंबर तक यह अपराध चरम पर रहा। गोमतीनगर, इंदिरानगर जैसे पॉश इलाकों में सक्रिय गिरोहों ने महिलाओं को निशाना बनाया। सितंबर में चेन छीनने के विरोध में एक युवक की हत्या ने शहर में आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने कई बदमाशों को मुठभेड़ में पकड़ा या गिरफ्तार किया, लेकिन महिलाओं में भय बना रहा।वर्ष के मध्य में आतंकवाद का साया भी लखनऊ पर मंडराया। नवंबर में दिल्ली में हुए विस्फोट की साजिश के मास्टरमाइंड डॉक्टर शाहीन शहीद और डॉक्टर परवेज लखनऊ के निवासी निकले, जिससे शहर में डर की लहर दौड़ गई।साल के अंत में साइबर अपराध उभरा नया खतरा बनकर। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और अन्य तरीकों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश हुआ। व्यापारी, नौकरीपेशा और बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार बने। इससे स्पष्ट हो गया कि अपराध अब सड़कों से हटकर स्मार्टफोन और इंटरनेट तक पहुंच चुका है।2025 की प्रमुख घटनाओं की समयरेखा:1 जनवरी: बेटे और पिता ने मिलकर मां व चार बहनों की हत्या।
- 18 जनवरी: आलमबाग में लूट के विरोध पर कपड़ा व्यापारी को गोली मारकर हत्या।
- 7 फरवरी: सरोजनीनगर में चलती कार में छात्रा से छेड़छाड़।
- 25 फरवरी: कृष्णानगर में बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर लूट।
- 19 मई: काकोरी में ऑटो से उतारकर महिला से दुष्कर्म।
- 5 जून: आलमबाग में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी मुठभेड़ में मारा गया।
- 18 जुलाई: स्कूल वैन चालक द्वारा बच्ची से छेड़छाड़।
- 9 जुलाई: मलिहाबाद में बच्ची से दुष्कर्म।
- 20 सितंबर: चेन स्नैचिंग के विरोध में युवक की हत्या।
- 4 अक्टूबर: ऑनलाइन गेमिंग में हार के बाद बेटे ने मां की हत्या।
- 5 दिसंबर: जानकीपुरम में चोरी के विरोध में पुजारी द्वारा वृद्धा की हत्या।
विशेषज्ञों का मानना है कि रात की गश्त बढ़ाना, स्ट्रीट लाइटिंग मजबूत करना, सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार, महिला सुरक्षा इकाइयों को सक्रिय करना और साइबर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। वर्ष 2025 ने साफ कर दिया कि अपराध के नए रूपों से निपटने के लिए पुलिस और समाज दोनों को और सतर्क रहना होगा।
Budaun Amarprabhat