“टिकट मिले या न मिले, मैदान में उतरूंगा” — पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय का बिल्सी विधानसभा 114 में चुनाव लड़ने का ऐलान, सियासत गरमाई

बिल्सी। बिल्सी विधानसभा 114 की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी का ऐलान कर दिया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है और भाजपा खेमे से लेकर विरोधी दलों तक में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।
पालिका अध्यक्ष रहते हुए अनुज वार्ष्णेय ने नगर में सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश व्यवस्था और अन्य कई विकास कार्यों को धरातल पर उतारा। उन्होंने बिल्सी को एक अलग पहचान दिलाने के लिए अटल चौक का निर्माण कराया, वहीं रोडवेज बस स्टैंड को लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संबंधित विभागों और मंत्रियों से भी मुलाकात की। इन्हीं कारणों से उन्हें नगर में एक सक्रिय, कर्मठ और जनता के बीच लोकप्रिय नेता के रूप में जाना जाता है।
बिल्सी निवासी और युवा चेहरा माने जाने वाले अनुज वार्ष्णेय ने कहा, “मैं भाजपा का सच्चा और पक्का सिपाही हूं। पार्टी के समय ही मैं पालिका अध्यक्ष बना और यहीं से मेरी राजनीति की शुरुआत हुई। अब मैं जनता की सेवा और बिल्सी विधानसभा 114 के विकास के लिए आगे बढ़ रहा हूं।”
उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और पार्टी से अनुरोध करते हैं कि उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए। लेकिन अगर पार्टी टिकट नहीं देती है, तो वह निर्दलीय चुनाव में भी अपनी दावेदारी बनाए रखने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि जनता के प्रति उनका प्रेम और विकास की भावना उन्हें किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने नहीं देगी।
उनके इस ऐलान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजरें भाजपा नेतृत्व पर हैं कि वह अनुज वार्ष्णेय को टिकट देती है या नहीं, और आने वाले विधानसभा चुनाव में बिल्सी 114 की सियासत को नई दिशा देती है या और गरमाती है।
Budaun Amarprabhat