काजल मिश्रा, तिलहर से रिपोर्ट
तिलहर। जनपद में सत्र 2025-26 के लिए कराए गए गन्ना सर्वे को लेकर किसानों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्राम बंथरा, घुसवारी और कल्यानपुर बमनुआ के किसानों ने गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जिला गन्ना अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है।
किसानों का कहना है कि गन्ना सर्वे सट्टा नीति के अनुसार नहीं किया गया, जिससे भू-राजस्व अभिलेख और सर्वे आंकड़ों में भारी अंतर सामने आ रहा है। शिकायत में बताया गया है कि संबंधित ग्रामों की कुल नौ सट्टों की जांच कराए बिना ही उनकी पर्चियों का 8 हजार कुंतल का भुगतान कर दिया गया। किसानों की मांग है कि जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो जाए, तब तक सभी नौ सट्टों की पर्चियों और भुगतान पर रोक लगाई जाए।
किसानों ने चीनी मिल संघ के डायरेक्टर सुरेशपाल सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिल संचालन के तुरंत बाद, सभी नौ सट्टों पर अवैध खरीद की जाती है और अपने प्लॉटों में गन्ना अवैध रूप से उगाया जाता है। बाद में जनवरी-फरवरी में, उक्त गन्ने की पर्चियां किसानों से दिलवाकर अन्य स्थानों पर सप्लाई कराई जाती हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया कि डायरेक्टर के सभी प्लॉटों में पापलर के नाम पर बीज बोए गए हैं, लेकिन वहां गन्ना उत्पादन दिखाने का कोई ठोस आधार नहीं है और इसे गन्ना विकास निरीक्षक व पर्यवेक्षक द्वारा फायदा पहुंचाया गया।
किसानों का आरोप है कि बिना वार्षिक घोषणा पत्र दिए ही सट्टे संचालित किए जा रहे हैं। सुरेशपाल सिंह, जो पहले दो बार चीनी मिल निदेशक के बाहर ऑपरेशन पद पर रह चुके हैं, प्रभाव का दुरुपयोग कर अधिकारियों को डराकर मनमाने ढंग से सर्वे और सट्टा संचालन कर रहे हैं।
किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी से पूरी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद गन्ना विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
Budaun Amarprabhat