
बदायूँ।
आज से लगभग 150 वर्ष पूर्व बंगाल में महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना कर देशप्रेम की अमर अलख जगाई थी। वंदे मातरम् की डेढ़ सौवीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर तथा कविता के क्षेत्र में बदायूँ जनपद को नई पहचान दिलाने वाले, राष्ट्रचेतना की कविताओं के माध्यम से देश-विदेश में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का संदेश देने वाले ओज के प्रखर कवि श्रद्धेय डॉ. उर्मिलेश की बहुचर्चित कविता “गाएंगे गायेंगे हम वंदे मातरम्” को नमन करते हुए आचमन फाउंडेशन द्वारा जनपद स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह प्रतियोगिता केवल बदायूँ जनपद के निवासियों के लिए आयोजित की जा रही है।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को राष्ट्रवादी विषय पर आधारित पूर्णतः मौलिक रचना प्रस्तुत करनी होगी। प्रत्येक प्रतिभागी की केवल एक रचना ही मान्य होगी। एक से अधिक रचनाएँ भेजने पर सभी प्रविष्टियाँ निरस्त कर दी जाएँगी। प्रतिभागियों को अपनी रचना के साथ नाम, आयु और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। किसी अन्य रचना की नकल या पूर्व प्रकाशित रचना अमान्य मानी जाएगी। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।
यह प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के साहित्य प्रेमियों के लिए खुली है। प्रतिभागी दिए गए क्यूआर कोड अथवा आचमन फाउंडेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। प्रविष्टि की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
चयनित प्रतिभागियों के नामों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आचमन के सोशल मीडिया हैंडल्स, समाचार पत्रों एवं डिजिटल न्यूज़ चैनलों के माध्यम से की जाएगी।
आचमन के वार्षिक उत्सव में सर्वश्रेष्ठ तीन रचनाओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जबकि अन्य दस चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
Budaun Amarprabhat