
बिल्सी | तहसील क्षेत्र के ग्राम पिंडौल स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का रोचक और भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास पंडित गौरव देव शर्मा ने श्रद्धालुओं को इस दिव्य प्रसंग का रसपान कराया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि यह प्रसंग माता पार्वती की कठोर तपस्या, भगवान शिव के प्रति उनके अटूट प्रेम, देवताओं के सहयोग और अंततः दिव्य विवाह की गाथा है। शिवजी की विचित्र बारात, गणों के अनोखे स्वरूप और विवाह की रस्मों का सजीव वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
पंडित गौरव देव शर्मा ने सती के पुनर्जन्म और पार्वती रूप में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए की गई तपस्या का भी संक्षिप्त उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार इस कथा को सुनने और कहने से विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में सुख और मंगल की प्राप्ति होती है।
कथा के दौरान मंदिर परिसर भक्ति के माहौल से सराबोर रहा। इस अवसर पर गांव के काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat