बिल्सी (संवाददाता: गोविंद देवल)
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम नगला डल्लू में रामदास-ब्रजलाल मैमोरियल स्कूल परिसर में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथावाचक दीपक शंखधार ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म प्रसंग को भावपूर्ण और विस्तार से सुनाया।
कथावाचक ने बताया कि भगवान गणेश का जन्म माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से किया था और उन्हें द्वारपाल नियुक्त किया गया। शिवजी के आगमन पर उत्पन्न हुए प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि आज्ञापालन, कर्तव्य और मर्यादा जीवन के मूल आधार हैं।
कथा में भगवान कार्तिकेय के जन्म का वर्णन करते हुए दीपक शंखधार ने बताया कि तारकासुर के अत्याचारों से देवताओं की रक्षा के लिए शिव शक्ति के तेज से कार्तिकेय का प्राकट्य हुआ। उन्होंने कहा कि कार्तिकेय साहस, शौर्य और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं।
कथा के दौरान पंडाल “हर-हर महादेव” और “जय गणेश” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते नजर आए।
आयोजकों ने बताया कि कथा के माध्यम से समाज में संस्कार, भक्ति और एकता का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
Budaun Amarprabhat