बदायूं / शाहजहांपुर:
अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जनराज्य फ्रंट इंडिया संगठन ने यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मीरा पाण्डेय उर्फ अंशु (पूर्व प्रत्याशी, शाहजहांपुर विधानसभा क्षेत्र) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी शाहजहांपुर के माध्यम से प्रेषित किया।
सुबह से ही जनराज्य फ्रंट इंडिया के कार्यकर्ता व वरिष्ठ पदाधिकारी खिरनी बाग स्थित रामलीला मैदान में एकत्र होने लगे थे। यूजीसी एक्ट 2026 को वापस लिए जाने की मांग को लेकर संगठन की रणनीति के तहत प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पं. अंजुल मिश्रा, जिला अध्यक्ष एडवोकेट धीरेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथों में “यूजीसी एक्ट मुर्दाबाद” की तख्तियां लेकर पैदल मार्च किया और भारी संख्या में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचते ही “मोदी सरकार मुर्दाबाद”, “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “इंकलाब जिंदाबाद”, “मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने जोरदार नारेबाजी कर यूजीसी एक्ट के खिलाफ अपना सशक्त विरोध दर्ज कराया।
धरना स्थल पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मीरा पाण्डेय अंशु ने कहा कि जनराज्य फ्रंट इंडिया संगठन किसी भी कीमत पर देश में यूजीसी एक्ट को लागू नहीं होने देगा। उन्होंने इसे सवर्ण समाज के खिलाफ काला कानून बताते हुए कहा कि पूरे देश का सवर्ण समाज इस एक्ट के विरोध में खड़ा है। कार्यक्रम में युवाओं की भारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि जनपद शाहजहांपुर का सवर्ण समाज यूजीसी एक्ट के खिलाफ एकजुट है।
प्रदर्शन में भारी संख्या में युवा अधिवक्ता, महिला अधिवक्ता, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रमुख रूप से कायस्थ समाज के जिला अध्यक्ष सरोज श्रीवास्तव, ठाकुर समाज के अध्यक्ष के.के. सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉ. संजय पाठक, डॉ. के.डी. सिंह, मुस्लिम समाज से जामा मस्जिद प्रतिनिधि कासिम राजा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनराज्य फ्रंट इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष पं. अंजुल मिश्रा, जिला महासचिव व जिला प्रभारी जरार खान, महानगर महासचिव दीपांशु सिंह वर्मा, जिला सचिव अजीत कुमार यादव, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट मुकेश यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पांडे, योगेश नाथ पाठक सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला अधिवक्ताओं में एडवोकेट कुमारी आंचल शुक्ला, श्रीमती गुलिस्ता खान सहित अन्य महिला अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।
Budaun Amarprabhat