संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में जनपद के समस्त निजी कोल्ड स्टोर्स (शीतगृह) संचालकों के लिए भूजल निष्कर्षण हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) एवं बोरवेल पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्देश जिलाधिकारी/लाइसेंसिंग अधिकारी को संबोधित आदेशों के क्रम में जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम, 2019 का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है।
सहायक अभियंता, लघु सिंचाई/नोडल अधिकारी, जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद बदायूं वी. एस. सुमन ने बताया कि सभी निजी शीतगृह संचालक 15 दिवस के भीतर अपने बोरवेल पर डिजिटल फ्लोमीटर स्थापित कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें। इस संबंध में पूर्व में भी कार्यालय पत्र के माध्यम से नोटिस जारी किया जा चुका है।
अब द्वितीय नोटिस जारी कर पुनः निर्देशित किया गया है कि समस्त निजी शीतगृह संचालक अविलंब भूजल निष्कर्षण हेतु एनओसी एवं बोरवेल पंजीकरण प्राप्त करना सुनिश्चित करें। अन्यथा अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संचालकों की होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूजल संरक्षण एवं संतुलित दोहन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है और नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Budaun Amarprabhat