संवाददाता: विशेष प्रतिनिधि, लखनऊ
लखनऊ। राजधानी में गुटखा कंपनियों और कुछ बड़े व्यापारियों द्वारा कालाबाजारी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुराने रेट पर खरीदा गया माल अधिक कीमत पर बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है और सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र व जिले में करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है। व्यापारी कथित रूप से मूल्य अंतर का लाभ उठाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यह सारा कारोबार शासन-प्रशासन की नाक के नीचे संचालित होने की चर्चा है, जिससे आमजन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कालाबाजारी का यह सिलसिला और बढ़ सकता है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से जांच अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों और कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लोगों का कहना है कि सख्त कदम उठाए जाने से भविष्य में कालाबाजारी करने वालों पर अंकुश लगेगा और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
Budaun Amarprabhat