संवाददाता: गोविंद देवल, लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में बड़े संगठनात्मक फेरबदल और मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि हालिया दिल्ली बैठक के बाद नए मंत्रियों की संभावित एंट्री, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन तथा तीसरे उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों का दावा है कि आने वाले एक महीने के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन में भी व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिला इकाइयों से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों तक बदलाव की रूपरेखा पर मंथन चल रहा है। प्रदेश संगठन की नई टीम की घोषणा भी जल्द हो सकती है। इसमें कुछ पुराने पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल या नई नियुक्तियां संभव बताई जा रही हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है। इनमें विधायकों के साथ संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी की भी संभावना जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा चर्चा तीसरे उपमुख्यमंत्री पद को लेकर है। माना जा रहा है कि राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने के लिए पार्टी यह कदम उठा सकती है। साथ ही ब्राह्मण वर्ग को साधने की रणनीति के तहत संगठन और मंत्रिमंडल दोनों स्तरों पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विचार किए जाने की बात कही जा रही है।
हालांकि इन सभी अटकलों और दावों पर अभी तक न तो प्रदेश सरकार और न ही पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इसे फिलहाल ‘संभावनाओं की राजनीति’ मान रहे हैं और स्पष्ट तस्वीर सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
Budaun Amarprabhat