संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के संयुक्त प्रयास से जनपद के शिक्षकों ने टेट अनिवार्यता कानून के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य करने वाले कानून को अध्यादेश के माध्यम से संशोधित करने की मांग उठाई गई।
22 फरवरी 2026 को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक बदायूँ में प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाई-स्कूल (पू0मा0) शिक्षक संघ और सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के संयुक्त प्रदर्शन में जनपद के समस्त शिक्षकों ने #JusticeForTeachers अभियान चलाया। यह हैशटैग दो घंटे तक लगातार ट्रेंडिंग में नंबर एक रहा।
प्रदर्शन के अगले चरण में 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने शिक्षण और विभागीय कार्य करते रहे। इस माध्यम से उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के टेट अनिवार्यता संबंधी आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए संसद में संशोधन करने की मांग की।
इस अवसर पर शिक्षक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से शामिल थे:
जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय सचिव टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया संजीव कुमार शर्मा,
मंत्री उदयवीर सिंह यादव, कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी,
जिलाध्यक्ष जूनियर हाई-स्कूल (पू0मा0) शिक्षक संघ प्रेमानंद शर्मा, महामंत्री फरहत हुसैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन यादव,
मो0 जुबैर, प्रवक्ता मो0 राशिद कादरी, मीडिया प्रभारी ज़मीर अहमद, मंत्री अगरपाल सिंह, संयुक्त मंत्री विकारुद्दीन, और अब्बास अहमद खान।
शिक्षकों का कहना है कि यह संघर्ष उनके पेशेवर अधिकारों और सम्मान के लिए है, और वे तब तक शांत नहीं होंगे जब तक टेट अनिवार्यता आदेश में संशोधन नहीं किया जाता।
Budaun Amarprabhat