संवाददाता: आई एम खान
बिसौली। रहमत, बरकत और मगफिरत के पवित्र माह-ए-रमजान के दूसरे जुमे पर शुक्रवार को नगर की मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। जुमे की नमाज पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद देश में अमन-शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।
इस्लाम धर्म में जुमे की नमाज का खास महत्व माना जाता है और रमजान के महीने में इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। दूसरे जुमे के मौके पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। अकीदतमंद सुबह से ही इबादत की तैयारियों में जुट गए और तय समय से पहले मस्जिदों में पहुंचने लगे।
दोपहर 12:45 बजे से लेकर 2:30 बजे तक नगर की विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। प्रमुख रूप से मुस्तफा मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदार नमाज के लिए एकत्र हुए। यहां हाफिज शरीफ रजा जामी ने तकरीर करते हुए रमजान की फजीलत बयान की।
उन्होंने कहा कि रमजान इबादत, सब्र और आत्मसंयम का महीना है। असल रोजा वही है, जिससे अल्लाह राजी हो जाए। जब हाथ उठें तो भलाई के लिए उठें, कान सुनें तो अच्छी बातें सुनें, कदम बढ़ें तो नेक काम की ओर बढ़ें और आंखें देखें तो जायज चीजों को देखें। रमजान का अदब और एहतराम करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।
नमाज के बाद रोजेदारों ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। दूसरे जुमे पर मस्जिदों में अनुशासन और आपसी सद्भाव का माहौल देखने को मिला।
Budaun Amarprabhat