
लखनऊ से रिपोर्ट: खगोलविद अमर पाल सिंह
लखनऊ। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2026 को भारत में शाम के समय पूर्णिमा पर आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। हालांकि यह दृश्य सीमित समय के लिए, लगभग शाम 6:33 बजे से 6:46 बजे तक देखा जा सकेगा।
अमर पाल सिंह के अनुसार, यह साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण है, लेकिन भारत में इसे केवल आंशिक रूप में ही देखा जा सकेगा। वहीं अमेरिका, प्रशांत क्षेत्र, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में पूर्ण चंद्र ग्रहण का पूरा दृश्य दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण कैसे होता है?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और सूर्य की सीधी रोशनी नहीं पहुँच पाती। यदि छाया चंद्रमा के पूरे हिस्से पर पड़ती है तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण और यदि केवल आंशिक ढकता है तो इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है। भारत में इस बार यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा।
क्यों हर पूर्णिमा पर नहीं होता चंद्र ग्रहण?
अमर पाल सिंह बताते हैं कि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के सापेक्ष लगभग 5° झुकी हुई है। इसलिए अधिकतर समय चंद्रमा पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से गुजरता है। ग्रहण तब ही होता है जब ये तीनों पिंड सटीक एक रेखा में आते हैं। हर साल कम से कम दो चंद्र ग्रहण और अधिकतम पांच चंद्र ग्रहण होते हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश आंशिक होते हैं।
ब्लड मून क्यों लाल दिखाई देता है?
ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल रंग पृथ्वी के वायुमंडलीय घटकों पर निर्भर करता है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरते समय नीली रोशनी प्रकीर्णित हो जाती है, जबकि लाल तरंगें चंद्रमा तक पहुँचती हैं। इसके कारण चंद्रमा तांबे से लेकर गहरे लाल रंग तक दिखाई दे सकता है। धूल, आर्द्रता, धुआँ और तापमान जैसी परिस्थितियाँ इसके रंग और चमक को प्रभावित करती हैं।
इसे कैसे देखा जा सकता है?
इस चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। इसे साधारण आँखों से देखा जा सकता है, और आप इस दौरान ब्लड मून का रंग और प्रभाव भी आसानी से देख सकते हैं। इस बार चंद्रमा सिंह तारामंडल में स्थित होगा और मैग्नीट्यूड लगभग -12 रहेगा।
इस प्रकार खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग 3 मार्च 2026 की शाम पूर्वी आकाश की ओर देखकर इस दुर्लभ आंशिक चंद्र ग्रहण का आनंद उठा सकते हैं, यदि मौसम साफ रहा।
Budaun Amarprabhat