संवाददाता गोविन्द देवल 
बदायूं। जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बदायूं के ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम बैच के दूसरे दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 मार्च तक चलेगा।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि जनगणना के इतिहास में पहली बार स्व-गणना पद्धति लागू की जा रही है, जिसके अंतर्गत सामान्य परिवार सुरक्षित वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना अनुसूची भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का दूसरा बैच 16 से 18 मार्च तथा तीसरा बैच 23 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक सांविधिक गतिविधि है, जो संघ सूची अनुच्छेद-246 तथा जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत संचालित होती है। वर्ष 1872 से अब तक यह देश की 16वीं जनगणना तथा स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने बताया कि प्रगणक और पर्यवेक्षक इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ होते हैं और जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए आधार बनते हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (2026) तथा दूसरा चरण जनसंख्या की गणना (2027) होगा। मकान सूचीकरण से मकानों की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों की जानकारी प्राप्त होती है, जबकि जनसंख्या गणना में प्रत्येक व्यक्ति का विवरण निर्धारित संदर्भ दिनांक और समय के आधार पर दर्ज किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में डेटा नैतिकता, गोपनीयता, सुरक्षा, मोबाइल और वेब ऐप के उपयोग, समस्याओं के निवारण तथा डेटा सुरक्षा से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। साथ ही जनगणना की प्रक्रिया, परिभाषाएं, हाउस लिस्टिंग, लेआउट मैप और आंकड़ा संकलन की विधियों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
मास्टर ट्रेनर्स संदीप भारती (प्रधानाचार्य, एसके इंटर कॉलेज) और बृजेन्द्र कुमार (अध्यापक, एसके इंटर कॉलेज) ने बताया कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं और इन्हीं के आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन करती है।
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स को हाउस लिस्टिंग, हाउस नंबरिंग, परिवार विवरण अंकन, भवनों के चिन्हांकन और लेआउट मैप तैयार करने की विधि की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रपत्रों को सही तरीके से भरने और सूचनाओं का सत्यापन करने के बारे में भी बताया गया।
इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरे किए जाएं। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat