बदायूं। प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली गरीब एवं श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें।
संवाददाता गोविन्द देवल के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण अक्सर गरीब परिवारों की महिलाएं गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक मजदूरी करती रहती हैं और प्रसव के बाद भी जल्द काम पर लौट आती हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और नवजात शिशु भी कुपोषण का शिकार हो सकता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 जनवरी 2017 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 6000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें पर्याप्त पोषण मिल सके।
इस योजना के अंतर्गत 5000 रुपये तीन किश्तों में प्रदान किए जाते हैं, जबकि संस्थागत प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत अतिरिक्त 1000 रुपये दिए जाते हैं। इस प्रकार प्रत्येक पात्र महिला को कुल 6000 रुपये की सहायता मिलती है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में 29 मार्च 2024 से महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत अब तक 5.65 लाख से अधिक पात्र गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचे और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
Budaun Amarprabhat