बिसौली। रमजान के आखिरी अशरे में मुस्लिम बस्ती की फिजा इबादत और रूहानियत से सराबोर नजर आई। मस्जिद बिलाल में जश्ने कुरआन पाक मुकम्मल होने की खुशी बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। इस मौके पर सैकड़ों हाथ मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ के लिए उठे, जहां हर आंख नम और हर दिल दुआगो नजर आया।
हाफिज फरहान रजा ने 28वीं तरावीह की नमाज अदा कराते हुए कुरआन पाक मुकम्मल कराया। जश्ने कुरआन के जलसे को खिताब करते हुए मदरसा जामिया हनफिया रजविया सैदपुर के नाजिमे आला मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही ने पैगंबर-ए-पाक की सीरत पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को मोहब्बत, अमन और भाईचारे का पैगाम दिया, जिसे अपनाकर ही समाज में खुशहाली और सुकून कायम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि रमजान का महीना केवल रोजा रखने का नहीं, बल्कि सब्र, इबादत और इंसानियत के प्रति अपने फर्ज को समझने का भी महीना है। अंत में मस्जिद के इमाम कारी शादाब रजा उवैसी ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन मौलाना अफलाक रजा उबैसी ने किया।
इस अवसर पर मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी, बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना बिलाल रजा नूरी, हाजी रफीक खां, मस्जिद के सदर वाजिद खान, काजी शाहनवाज खां, हाजी तस्लीम खान, शारिक खान, अदीम अब्बासी, शहजाद खान, मौलाना रफीक खां, हाफिज मेहरबान, हाजी मो. हुसैन, सलीम खां, सय्यद अबरार अली, यूनिस अली खां, नगर पालिका सभासद शफीक अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat