भाजपा कार्यालय पर जन आक्रोश महिला सम्मेलन, 33% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक; वक्ताओं ने विपक्ष पर साधा निशाना
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं:
भाजपा कार्यालय पर आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रभारी मंत्री गुलाब देवी सहित कई नेताओं ने महिलाओं के अधिकारों और 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। वक्ताओं ने कहा कि अब देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ी हैं।
राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि संसद में 16 और 17 अप्रैल को हुए घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगी दल महिलाओं को उनका अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर अपनी सोच उजागर कर दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी निभा रही हैं और नीति-निर्माण में उन्हें समान अधिकार मिलना चाहिए।
जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल तकनीकी कारणों और अन्य मुद्दों का हवाला देकर इस प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि जब महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने का समय आया तो विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
जिला उपाध्यक्ष सीमा राठौर ने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के सम्मान और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय है, लेकिन विपक्ष ने इस पर भी राजनीति की। जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय ने भी इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख वजीरगंज गुड्डू देवी, अम्बियापुर रेखा देवी, सालारपुर विचित्रा देवी, बिल्सी चेयरमैन ज्ञानवती सागर, मुड़िया धुरेकी अनुपम पाठक, गुलड़िया तारा देवी, उसावां प्रियंका चौहान, पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल, क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा रेनू सिंह, रजनी मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat