साप्ताहिक सत्संग
बिल्सी , तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी ग्राम में स्थित ‘प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया । सर्वप्रथम ऋग्वेद के 51 मंत्रों से सबके कल्याण की कामना के साथ यज्ञ किया गया ।सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ कराते हुए कहा हममें से कोई भी जातिवाद नहीं मानता क्योंकि जातिवाद मानने से हमारे कार्य सिद्ध नहीं होते जब हमें बाल कटाने हों .तो हम यह नहीं देखते कि वह नाई किस जाति का है ? कोई हिंदू हो या मुसलमान यदि बढ़िया बाल काटता है तो उसी से कटवाते हैं , यदि कोई अपने बच्चों को पढ़ाता है तो शिक्षक किस जाति का है यह नहीं देखा जाता बल्कि वह कितना योग्य है यह देखा जाता है , इसी तरह मिठाई हम उससे खरीदते हैं जो बहुत अच्छा हलवाई हो इसी तरह डॉक्टर , ड्राइवर , आर्किटेक्ट प्लंबर , इलेक्ट्रीशियन , ब्यूटीशियन , सीए , वकील अच्छे ढूंढे जाते हैं उनकी जाति नहीं देखी जाती । जो अपने कार्य में कुशल है हम उसे ही चुनते हैं और उससे ही कार्य लेते हैं । इससे सिद्ध है कि जातिवाद से ऊपर उठकर व्यक्ति जीवन जीता है ! और यही सही है ! किन्तु जब व्यक्ति जाति से किसी को छोटा और बड़ा समझकर मान या अपमान करता है तब समाज को नुकसान होता है । आचार्य संजीव रूप ने कहा कि “सब एक ईश्वर की संतान हैं । सब मनुष्यों को दो भागों में बांट देना चाहिए – पहला भाग में अच्छा काम करने वाले अच्छे लोगों को रखा जाए दूसरे भाग में बुरा काम करने वाले बुरे लोगों को रखा जाए अच्छे लोगों का सदा मन किया जाए सम्मान किया जाए और बुरे लोगों को हतोत्साहित किया जाए । कुमारी आचार्य तृप्ति आर्य ने संगठन सूक्त के मंत्रों का पाठ करके सुंदर प्रार्थना की – हों सभी के दिल तथा संकल्प अविरोधी सदा , मन भरे हों प्रेम से जिससे बड़े सुख संपदा !कुमारी ईशा आर्य कु उर्वशी आर्य कु भावना ने यज्ञ प्रार्थना की । कार्यक्रम में सुखबीर सिंह ,विचित्रपाल सिंह , राकेश आर्य
, श्रीमती संतोष कुमारी , श्रीमती कमलेश कुमारी, श्रीमती मुन्नी देवी, श्रीमती सूरजवती देवी, श्रीमती सरोज देवी तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे
Budaun Amarprabhat