बदायूं : अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में श्रवण मास के दूसरे सोमवार को श्री शिव मंदिर कोल्हाई में रुद्राभिषेक हुआ। शिव भक्तों ने भगवान को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक किया।भगवान शिव का श्रंगार कर आरती की गई।
गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि श्रावण के महीने में रुद्राभिषेक शास्त्रों में विशेष फलदायी है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति और भय से मुक्ति मिलती है। पुराणों में उल्लेख है कि रुद्राभिषेक से ग्रहों की बाधाएं, पितृ दोष, कालसर्प दोष भी शांत हो जाते हैं। महाशिवरात्रि, सावन, श्रावण मास में इसका विशेष महत्व है। रुद्राभिषेक आत्मशुद्धि, मन की स्थिरता और अध्यात्मिक जागृति भी मार्ग है। वेदमंत्रों की ध्वनि और जल की शीतलता से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मुख्य यजमान डा.सोहनपाल सिंह सपत्नीक मुख्य यजमान के रुप में रहे। उन्होंने दुग्ध से रुद्राभिषेक किया। भगवान को मेवा, मिष्ठान के साथ दुग्ध, दही, शहद, बिल्व पत्र, भांग, धतूरा आदि अर्पित किए। सुसज्जित दीपकों के साथ भव्य आरती की।
इस मौके पर डा.ओमेंद्र कुमार, सुरभ पाल, अमित पाल, लालमन पाल आदि मौजूद है।
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भक्तों पर बरसते हैं, ईश्वर के अनुदान और वरदान : सुखपाल
बदायूं : गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर परिब्राजक लेखराज जायवाल और बृजकिशोर ने वेदमंत्रोच्चारण कर जलाभिषेक कराया। वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने कहा कि भगवान शिव को श्रद्धा भाव से पूजन करने पर भगवान प्रसन्न होते हैं। उनके अनुदान वरदान निरंतर भक्तों पर बरसते हैं। मुख्य यजमान रामचंद्र प्रजापति रहे। इस मौके पर माया सक्सेना आदि मौजूद रहीं।
Budaun Amarprabhat