बदायूं। नाग पंचमी का पर्व इस बार 17 अगस्त को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार सावन शुक्ल पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:54 बजे शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5:02 बजे समाप्त होगी। पंचमी तिथि का सूर्योदय 17 अगस्त को होगा।
नाग पंचमी की पूजा का शुभ समय सुबह 5:43 से 8:29 बजे तक बताया गया है। इस दौरान नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
इस दिन रवि योग सुबह 5:43 से 8:04 बजे तक रहेगा। इसके साथ शुभ योग का भी संयोग रहेगा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक रवि योग में शुभ कार्य करना फलदायी माना जाता है।
वहीं राहुकाल सुबह 7:28 से 9:06 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की आराधना और राहु-केतु से जुड़े दोषों की शांति के उपाय किए जा सकते हैं। कुंडली में कालसर्प दोष मानने वाले लोग भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
विशेष मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त 4:24 से 5:08 बजे, अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:44 बजे और निशिता मुहूर्त रात 12:05 से 12:49 बजे तक रहेगा।
— ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मानाग पंचमी पर बन रहे दो शुभ योग, जानिए पूजा का सही समय
बदायूं। नाग पंचमी का पर्व इस बार 17 अगस्त को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम तक रहेगी।
नाग पंचमी पर पूजा का शुभ समय सुबह 5:43 से 8:29 बजे तक रहेगा। इस दौरान नाग देवता की पूजा और भगवान शिव की आराधना की जा सकती है।
इस बार नाग पंचमी पर रवि योग और शुभ योग का संयोग बन रहा है। रवि योग सुबह 5:43 से 8:04 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
राहुकाल सुबह 7:28 से 9:06 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव की पूजा और राहु-केतु से संबंधित शांति उपाय किए जा सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नाग पंचमी पर शिव आराधना और नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।17 अगस्त को नाग पंचमी, सुबह 5:43 से पूजा का शुभ समय
बदायूं। नाग पंचमी इस बार 17 अगस्त को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार सावन शुक्ल पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:54 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5:02 बजे तक रहेगी।
पूजा का शुभ समय सुबह 5:43 से 8:29 बजे तक है। इस दौरान नाग देवता की पूजा और भगवान शिव का पूजन किया जा सकता है।
नाग पंचमी पर सुबह 5:43 से 8:04 बजे तक रवि योग रहेगा। साथ ही शुभ योग भी बन रहा है। वहीं राहुकाल सुबह 7:28 से 9:06 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस समय शिव पूजा और राहु-केतु की शांति के उपाय किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कालसर्प दोष से संबंधित मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर भगवान शिव की आराधना और पूजा-पाठ को विशेष महत्व दिया जाता है।
Budaun Amarprabhat