बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के आह्वान के तहत पूर्व मंत्री आबिद रज़ा के नेतृत्व में एक विशाल दलित सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शेखूपुर विधानसभा और बदायूं शहर क्षेत्र के दलित समाज के लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया। मूसलाधार बारिश के बावजूद सम्मेलन में भारी जनसैलाब उमड़ा, जिसमें जाटव, बाल्मीकि और गाडगे समाज के प्रबुद्ध नागरिकों व समाज के प्रमुख नेताओं ने अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मंत्री आबिद रज़ा द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान दलित समाज के लोगों ने आबिद रज़ा का विशाल माला पहनाकर और गाडगे समाज के प्रतिनिधियों ने पगड़ी बांधकर जोरदार स्वागत किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि देश, प्रदेश और जनपद में दलित व मुस्लिम समाज की स्थिति एक जैसी है। जिले में करीब 20 प्रतिशत दलित और 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इस तरह 40 प्रतिशत आबादी की अनदेखी और शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन दोनों वर्गों की उपेक्षा कर सियासत कभी पूरी नहीं हो सकती। सत्ताधारी दल सिर्फ दिखावे की हमदर्दी जताता है, लेकिन वास्तविक विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
एकजुटता का नया सियासी फॉर्मूला देते हुए उन्होंने कहा, “जैसे हिंदू और मुस्लिम मिलकर ‘हम’ बनाते हैं, ठीक उसी तरह दलित का ‘द’ और मुस्लिम का ‘म’ मिलकर ‘दम’ बनेगा। ‘हम’ और ‘दम’ की यह ताकत 2027 के विधानसभा चुनाव में विरोधियों का दम निकाल देगी और सत्ता परिवर्तन तय करेगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी दलित समाज का उत्पीड़न हुआ, तो वे हर कदम पर उनके साथ खड़े मिलेंगे। 2024 की तरह ही 2027 में पीडीए की ताकत अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाएगी।
इस अवसर पर हरिओम सागर, हेतराम सागर, मुरारी सागर, चरण सिंह सागर, सुरेश सिंह सागर, सिप्पटर सिंह सागर, पप्पू सागर, डॉ. राजेंद्र सागर, राजेंद्र दिवाकर, वेदप्रकाश दिवाकर, राजू सागर, वीरेंद्र सागर, नवीन विद्यार्थी, सिद्धार्थ बाल्मीकि, रमेश डी लाल, प्रवेश दिवाकर, गिरीश सोनकर, जसवीर सोनकर सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat