दुष्ट व्यक्ति दंड का ही पात्र होता है: आचार्य संजीव रूप
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर पर आर्य समाज के तत्वावधान में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। यहां वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने अथर्ववेद के मंत्रों से यज्ञ कराया। आर्य समाज के मंत्री अगरपाल सिंह यजमान रहे। यज्ञ कराते हुए आचार्य संजीव रूप ने कहा कि जैसे घर में कोई सर्प निकल आए तो घर के सब लोग प्रयत्न करके उसे बाहर निकालते हैं, वैसे ही समाज में यदि कोई अपराधी हिंसक आतताई प्रवृत्ति का मनुष्य है तो सबको प्रयत्न करके उसे अपने समाज से बाहर निकाल देना चाहिए अथवा दंडित करना चाहिए। किंतु यदि बुरा व्यक्ति अपना सुधार कर ले तब समाज में उसे आदर मिलना चाहिए। बुरे लोग समाज के कोढ़ होते हैं यह समाज को बीमार कर देते हैं, कठोर दंड की व्यवस्था ही इनका इलाज है। मास्टर अगरपाल सिंह ने कहा कि मनुष्य होकर दूसरों के दुख में खड़ा ना हो वह मनुष्य कहलाने के लायक नहीं है। यहां ईशा आर्य, कौशिकी रानी ने सुंदर भजन सुनाएं। इस मौके पर ज्योति रानी, संतोष कुमारी, गुड्डू देवी, सूरजवती देवी, राकेश आर्य के अलावा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat