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*अम्लपित्त (Acidity) से कैसे छुटकारा पायें*
विरूद्ध भोजन,विकृत भोजन,अत्यधिक अम्ल विदाही तथा पित्त प्रकोपक भोजन करने से अम्ल विरूद्ध होकर अम्लपित्त नामक रोग उत्पन्न होता है यह रोग अमाशय में अत्यधिक अम्ल बनने के कारण होता है जिससे रोगी गले और हृदय प्रदेश में जलन महसूस करता है।
*♦️लक्षण♦️*
कडवी और खट्टी डकार आना, गले और हृदय में जलन, मिचली,क्षुधाल्पता,अर्जीण,थकान एवं शरीर में भारीपन अम्लपित्त के प्रमुख लक्षण हैं।
*♦️चिकित्सा♦️*
धनिया 2 चम्मच,मिश्री 10 ग्राम को दो पाव दूध +1 पाव पानी में पकाएँ जब दूध बचे ठण्डा करके सुबह शाम पीना चाहिए।
आँवला चूर्ण और मुलेठी चूर्ण बराबर मात्रा में 1 चम्मच सुबह दोपहर शाम पानी से।
हरड चूर्ण और मुनक्का बराबर मात्रा में तथा मिश्री मिलाकर 1 ग्राम की गोलियाँ बना लें दिन में दो बार 1-2 गोली पानी से खाने से अम्लपित्त अच्छा होता है।
प्रातः काल पित्तपापडा की पत्तियाँ चबाकर पानी पीने से अम्लपित्त और कब्ज ठीक होता है।
अम्लपित्त में लौकी और सेव का जूस पीना चाहिए।
गुडहल के कुछ पत्ती और 3-4 फूल प्रातः खाली पेट खाकर ठण्डा पानी पीयें। या शर्बत बनाकर पीयें।
मुलेठी 5-7 ग्राम का चतुर्थांश काढा बनाकर सुबह शाम पीयें।
भयानक एसिडिटी में दूब का रस 3 चम्मच व पानी तथा मिश्री मिलाकर शर्बत बनाकर खालीपेट पीयें। तली भुनी मिर्च मसालेदार ,गरिष्ठ आहार से परहेज करें।
त्रिफला,परवल के पत्ते,नीम की छाल ,गिलोय सभी बराबर मात्रा में लेकर जौकुट कर रख लें 6 ग्राम कौ 400 मिली पानी में पकाएँ चौथाई शेष रहने पर छानकर शहद मिलाकर सुबह शाम पीयें।
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*गैस बनना पेट फूलना मात्र 12 दिन ये उपाय* कीजिए गैस बनना बंद हो जायेगी
काली मिर्च पाउडर =2 ग्राम
एक गिलास गर्म पानी
2 नींबू का रस
👉 *तरीका*
गर्म पानी में 2 नींबू के रस मिला लीजिए अब काली मिर्च की फंकी 2 ग्राम खाने के बाद ये पानी पी लीजिए
मात्र 12 दिन प्रयोग करने के बाद पेट में गैस बनना बंद हो जायेगा।।।
Budaun Amarprabhat