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राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया

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बदायूं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूँ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूँ द्वारा आज दिनांक 13.09.2025 को जनपद बदायूँ में समय पूर्वान्ह 10ः30 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
विवेक संगल, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा जनपद न्यायालय, बदायूँ परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं द्वारा विचार व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को राष्ट्रीय लोक कल्याणकारी दिवस के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगणों व बैंक अधिकारीगणों को अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए अग्रिम बधाई दी।
श्री विवेक संगल, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं द्वारा अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक पर्व है जहां पर पक्षकार अपने-अपने हितों के अनुरूप आपसी समझौते के आधार पर सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा बैंक अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को धन्यवाद करते हुये कहा कि आम-जन अपने बैंक विवादों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित करा सकते हैं।
श्रीमती शिव कुमारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुये बताया कि आम-जन न्यायालय में लम्बित विवादों जैसे आपराधिक शमनीय वाद, एन०आई० एक्ट-अन्तर्गत धारा 138 मोटर दुर्घटना सम्बन्धित वाद, वैवाहिक पारिवारिक विवाद श्रम सम्बन्धी वाद, भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी याद किरायेदारी, ट्रेफिक चालान, राजस्व बाद, विद्युत बिल आदि विवादों का निस्तारण इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवा सकते है। इसी क्रम में उनके द्वारा सभी को राष्ट्रीय लोक अदालत सफल बनाये जाने हेतु अपना-अपना सहयोग दिये जाने की अपील की गयी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, बदायूं एवं माननीय अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, बदायूं द्वारा अपने न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर कुल 210 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया।
श्रीमती मचला अग्रवाल, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बदायू द्वारा कुल 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण कर अंकन 9435000/- रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
उपभोक्ता फोरम द्वारा 09 वादों में से 07 वादों का निस्तारण कर अंकन 2040242…/- रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बदायूँ द्वारा कुल 2039 मामलों का निस्तारण
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से सम्बन्धित वादों में विभिन्न बैंकों के 1233 मामले, भारत संचार निगम लि० के 14 राजस्व सम्बन्धित 349 मामले, 767 स्थानीय निकाय के मामले एवं अन्य प्रकार के 44011 मामले थे। इस प्रकार कुल 40319 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लम्बित फौजदारी एवं सिविल वादों में 8740 वादों का निस्तारण हुआ।
इस प्रकार उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49059 वादों का निस्तारण हुआ।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय बदायूँ के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण एवं सभी सम्बन्धित बैंक के अधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारीगण, स्वयंसेवीगण, उपस्थित हुये।
सभी के समेकित प्रयासों से उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सका है।


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