लखनऊ। चन्दन लाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो जातियां आज उप वर्गीकरण का विरोध कर रहीं हैं वह जातियां
पहले से ही एक वर्ग में हैं जैसे चमार, धुंसिया, जाटव और झसिया, चार जातियां एक वर्ग में हैं, सफाई पेशे की 13 जातियां वाल्मीकि , हेला, धानुक, डोम, डोमार, बसोर, लालबेगी, हाबूढ़ा, धरकार, मजहबी, रावत, हरि अलग अलग हैं, यानि 13 खण्डों में बंटी हैं आज जब सुप्रीम कोर्ट का जिन जातियों को आरक्षण देने के लिए उपवर्गीकरण का फैसला सुनाया तो अभी तक सर्वाधिक आरक्षण का लाभ पा चुकी जातियों के साथ वह राजनैतिक दल भी वाल्मीकि समाज का विरोध कर रहे हैं जिनकी उन्होंने सदियों से सेवा की है, चन्दन लाल ने कह यह बाबा साहब के मानने वाले नहीं हो सकते।
अंत्योदय को वास्तविक रूप देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को राज्य सरकारें लागू करें।
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