थाना इस्लामनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई — साइबर ठगी में ₹1,33,800 की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई गई
जनपद बदायूँ में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ डॉ० बृजेश कुमार सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी बिल्सी के मार्गदर्शन में जनसामान्य को समय-समय पर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही थाना इस्लामनगर साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों को आवश्यक एवं त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में वर्ष 2025 में विभिन्न तिथियों पर थाना इस्लामनगर क्षेत्रान्तर्गत अनेक शिकायतकर्ताओं के साथ कुल ₹1,33,800/- की साइबर ठगी की गई थी। सभी पीड़ितों द्वारा गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) अथवा टोल फ्री नंबर 1930 पर अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराई गईं।
थाना इस्लामनगर साइबर हेल्प डेस्क के अधिकारी/कर्मचारियों ने साइबर सेल जनपद बदायूँ की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त राशि को संबंधित बैंकों में होल्ड/फ्रीज़ कराया। तत्पश्चात पूरी ₹1,33,800/- की धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।
पीड़ितों को राशि वापसी की सूचना दूरभाष के माध्यम से दी गई तथा कुछ को थाना इस्लामनगर बुलाकर अवगत कराया गया।
जिन पीड़ितों को धनराशि वापस कराई गई —
1. श्री राकेश निवासी ग्राम लभारी — ₹39,800
2. श्री गुलाम मोहम्मद निवासी ग्राम चन्दोई — ₹12,350
3. श्री चाँद खाँ निवासी ग्राम लश्करपुर ओइया — ₹19,400
4. श्री किशनपाल निवासी ग्राम समदनगर — ₹7,700
5. श्री प्रेमपाल निवासी ग्राम विक्रमपुर चरसौरा — ₹10,500
6. श्री गेदन सिंह निवासी ग्राम पुरदलपुर — ₹5,100
7. श्रीमती चन्दवती निवासी ग्राम मईकला — ₹2,500
8. श्री मनतेश निवासी ग्राम भूसाया — ₹7,350
9. श्री डोरीलाल निवासी ग्राम पुरदलपुर — ₹18,400
10. श्री अहमद नूर निवासी ग्राम भवानीपुर नगला — ₹3,000
11. श्रीमती ओमवती निवासी ग्राम चन्दोई — ₹5,700
12. श्रीमती जैतून निवासी कस्बा एवं थाना इस्लामनगर — ₹2,200
साइबर हेल्प डेस्क टीम —
1. श्री नरेश कुमार सिंह (थाना इस्लामनगर)
2. अपराध निरीक्षक श्री देवेंद्र
3. वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्री मनोज कुमार
4. कंप्यूटर ऑपरेटर ए. सरफराज आलम
5. कांस्टेबल आशीष सोम
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साइबर अपराध से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियाँ —
लोन या गेम एप्लिकेशन के जाल में न फँसें।
लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट या सिम कार्ड किसी को न दें।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बताए गए किसी भी एप को डाउनलोड न करें।
साइबर अपराधी स्क्रीन शेयरिंग एप्स के माध्यम से आपका फोन एक्सेस कर सकते हैं।
गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करने से बचें। केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही नंबर प्राप्त करें।
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या वीडियो कॉल स्वीकार न करें। साइबर अपराधी इस माध्यम से ब्लैकमेल कर सकते हैं।
किसी भी परिस्थिति में अपना व्यक्तिगत विवरण किसी अजनबी से साझा न करें।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों से खरीदारी करते समय सतर्क रहें।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत अपने निकटतम थाने की साइबर सेल से संपर्क करें या टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने हेतु भारत सरकार का पोर्टल — www.cybercrime.gov.in का प्रयोग करें।
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Budaun Amarprabhat