सहसवान, डा. राशिद अली खान – पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफ़िज़ इरफ़ान के नेतृत्व में हिंदू-मुस्लिम एकता पर आधारित अखंड भारत में हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती यानी गरीब नवाज की मानव सेवा विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि मौलाना डॉ. यासीन उस्मानी ने कार्यक्रम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय की बड़ी आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि हज़रत गरीब नवाज़ ने बिना किसी भेदभाव के जनसेवा के माध्यम से अमन, शांति और एकता का पैग़ाम दिया। उनका संदेश है – “एक बनो, नेक बनो और सबसे मोहब्बत करो, नफ़रत किसी से नहीं।”
कार्यक्रम संयोजक हाफ़िज़ इरफ़ान ने कहा कि हज़रत गरीब नवाज़ भूख, शिक्षा और आश्रय के क्षेत्र में पहले संगठित अभियान चलाने वाले महापुरुष थे। उन्होंने बताया कि भारत में संत, फकीर और महापुरुषों की कभी कमी नहीं रही, लेकिन हज़रत गरीब नवाज़ ने ईश्वर की इबादत को सीधे इंसान की सेवा से जोड़ा।
गुन्नौर से आए मौलाना मुनफिक क़ादरी ने कहा कि ख़्वाजा साहब की खानक़ाह सिर्फ़ इबादत का स्थल नहीं बल्कि इंसानियत की पाठशाला थी। आचार्य दुर्वेश कुमार, पन्नालाल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुजीत सिंह और बाबा महेंद्र दास ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
जिला पंचायत सदस्य बिजेंद्र यादव ने अतिथियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मदरसा प्रबंधक हाफ़िज़ अब्दुल हादी, क़ारी मुसव्विर, मुनाजिर हुसैन, मुकर्रम अंसारी, अजमल अंसारी, नाहिद आलम अंसारी और हर्षित यादव ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया।
अंत में ख़्वाजा हमीदउद्दीन क़ादरी ने देश-प्रदेश में शांति, खुशहाली और अमन-चैन कायम रहने की दुआ फ़रमाई। कार्यक्रम में क़ारी राशिद, हकीम नासिर, हाफ़िज़ इक़बाल, हाफ़िज़ इस्लाम, शाने आलम, शैवू राईन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat