

संवाददाता: नेत्रपाल सैलानी
मुजरिया।
मुजरिया थाना क्षेत्र में षड्यंत्र रचकर वाहन टक्कर का रूप देकर लाठी-डंडों से पीटकर युवक की हत्या किए जाने के मामले में परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। थाना प्रभारी द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज न किए जाने से नाराज परिजन व ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में मुजरिया थाने पहुंच गए और लगभग एक घंटे से अधिक समय तक थाने का घेराव किया।
घेराव के दौरान हालात तनावपूर्ण बने रहे। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए तीन थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ एक बटालियन पीएसी को मौके पर तैनात किया गया। थाने पर भारी संख्या में महिला और पुरुष प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
मौके पर जरीफनगर थाना प्रभारी सुमित कुमार शर्मा, सहसवान थाना प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह, बिल्सी थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह तथा मुजरिया थाना प्रभारी निरीक्षक ज्योति सिंह उपस्थित रहे। लगातार दबाव और सैकड़ों लोगों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आखिरकार पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर दर्ज होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त हो गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मुजरिया थाना प्रभारी निरीक्षक ज्योति सिंह की कार्यशैली को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। मृतक पक्ष के लोगों का कहना था कि बिल्सी थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के हस्तक्षेप और समझाइश से ही स्थिति नियंत्रण में आई, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते थे। पूरे घटनाक्रम के दौरान मुजरिया पुलिस के प्रति क्षेत्रीय जनता में असंतोष साफ नजर आया।
बॉक्स खबर
मृतक परिवार के परिजनों और क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि मुजरिया थाना प्रभारी निरीक्षक ज्योति सिंह एवं पुलिस बल ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना दिखाने के बजाय आरोपी पक्ष के प्रति सहानुभूति जताई, जिससे आक्रोश और भड़क गया। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी थाने पर जमा थे, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे।
स्थिति उस समय संभली जब बिल्सी थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता कर हत्या की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ।
देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार कछला गंगा घाट पर किया गया, जहां पुलिस बल दूर से निगरानी करता नजर आया।
Budaun Amarprabhat