
श्री गणेश सेवा मंडल के तत्वाधान में भोला धाम में चल रहे विशाल गणेश महोत्सव में कथा के तृतीय दिवस पर कथा को आगे बढ़ाते हुये भगवान गणेश के जन्म की कथा का साध्वी मनु प्रिया जी ने सुंदर वर्णन किया | उन्होंने बताया कि भगवान गणेश का जन्म तीनों लोकों में दुष्ट अताताइयों के आतंकित माहौल को खत्म करने के लिए हुआ | उन्होंने अपने जीवन में कठोर संघर्ष किया। तथा सभी देवी देवताओं में अपने कार्य कुशलता अपने व्यवहार एवं अपने समस्त गुणो से एक अलग पहचान बनाई । भगवान गणेश आदि गणेश है। माता पार्वती ने भगवान गणेश को अपनी माया से उत्पन्न करके अपने आवास के बाहर खड़ा कर दिया और कहा जब तक मेरी आज्ञा न हो तब तक कोई अंदर ना आवे । इतने में भगवान शिव आ गये भगवान शिव से बालक गणेश ने मना किया तो भगवान शिव क्रोधित हो गए और उन्होंने भगवान गणेश का सिर काट दिया तब माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने अपने गणो को आदेश दिया कि सबसे पहले जो भी जीव दिखाई दे उसका सिर काट कर ले आओ तब एक गज का सिर लगाकर भगवान गणेश को जीवन दान दिया । भगवान शिव ने उन्हें अपने पुत्र के रूप में स्वीकार किया और उन्हें तीनों लोकों में सर्वश्रेष्ठ होने का आशीर्वाद दिया।
आज की कथा में भगवान गणेश के जन्म की झांकी श्री गणेश सेवा मंडल के द्वारा प्रस्तुत की गई | आज की कथा में वीरेंद्र वार्ष्णेय सुनील गुप्ता, दीपमाला गोयल , प्रतीश गुप्ता, सीमा राठौर, सरोज यादव , पूजा राठौर , अंजलि राठौर, कृष्णा कश्यप, राजकुमारी गुप्ता, अनीता गुप्ता, रामेश्वर दयाल, केशवनाथ वैश्य , राकेश गुलाटी, आशु गुप्ता , संतोष गुप्ता, मनोज गुप्ता ,राहुल राठौर ,अवनेश साहू , मुदित सूर्य प्रताप सिंह , कामेश पाठक आदि उपस्थित रहे | संस्था की ओर से जानकारी मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा ने दी |
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