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मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* ने बच्चों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर

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मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* ने बच्चों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* की पहल पर जनपद बदायूं में हुए एक कार्यक्रम में बाल संरक्षण और बाल अधिकारों के क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक एक साथ आए। इस कार्यक्रम में *जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी अमित कुमार, बाल कल्याण समिति सदस्य सविता मालपाड़ी, जी0आर0पी0 जितेंद्र कुमार सिंह, ए0एच0टी0 यतेंद्र कुमार रीतू उपाध्याय, चाइल्डलाइन काउन्सलर मुल्तजिम, अन्य विभागों से अधिकारीगण, और संस्था से संस्था सचिव मीना सिंह, संस्था समन्वयक देवेन्द्र पाल, प्रोगाम मैनेजर गंगा सिंह, काउंसलर चेतना, समस्त कम्युनिटी सोशल वर्कर व संस्था के अन्य कार्यकर्ता,समुदाय से वॉलेंटियर, पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान,समाज सेवी कार्यकर्ता व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया* और एक सुर से स्वीकार किया कि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने के लिए सभी एजेंसियों व विभागों को साथ मिलकर कार्रवाई करने की सख्त जरूरत है ताकि ट्रैफिकिंग गिरोहों में कानून का भय पैदा हो सके। *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है और *जनपद बदायूं* में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। जेआरसी बाल श्रम, बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल विवाह और बाल यौन शोषण के शिकार बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आने वाली वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह माना कि मौजूदा कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवेदनशील तबकों को ट्रैफिकिंग गिरोहों और उनके कामकाज के तरीकों के बारे में संवेदनशील बनाना और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तत्काल जरूरी है, ताकि मुक्त कराए गए बच्चों के लिए तय समयसीमा में न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
*काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* ने पिछले वर्ष के दौरान *लगभग 600* बच्चों को बाल श्रम, ट्रैफिकिंग और बाल विवाह से बचाया है। संगठन ने यह रेखांकित किया कि बच्चों की ट्रैफिकिंग केवल बाल मजदूरी या मुनाफे के लिए यौन शोषण तक ही सीमित नहीं है। बहुत से बच्चे, खास तौर से लड़कियां, जबरन विवाह के लिए भी ट्रैफिकिंग का शिकार बनती हैं। यह एक एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में कम ही चर्चा की जाती है और रोकथाम के उपायों पर भी ज्यादा बात नहीं होती। बताते चलें कि जुलाई में *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ मिलकर बच्चों की ट्रैफिकिंग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर अभियान चलाया। चूंकि ट्रैफिकिंग गिरोह अक्सर बच्चों को दूसरे राज्य ले जाने के लिए रेल मार्ग का उपयोग करते हैं, इसलिए इस अभियान का फोकस यात्रियों, रेल कर्मियों, विक्रेताओं, दुकानदारों और कुलियों को बाल तस्करी के संकेतों की पहचान करने और संदिग्ध मामलों की सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करने के लिए संवेदनशील बनाना था।बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी हितधारकों के बीच तालमेल व समन्वय की अहमियत और जिला प्रशासन के सहयोग को रेखांकित करते हुए *काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान* की *संस्था सचिव मीना सिंह* ने कहा, “अगर बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकना है तो कानूनी कार्रवाई जरूरी है। बाल दुर्व्यापारियों को जब शीघ्र और सख्त सजा मिलेगी, तभी हम उनमें कानून का भय पैदा कर पाएंगे और यह भय ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए सबसे असरदार उपाय साबित होगा। रोकथाम अभियानों की सफलता के लिए जिले में मजबूत प्रशासनिक समन्वय और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस तरह से काम कर हम न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा बल्कि उन ट्रैफिकिंग गिरोहों के नेटवर्क का भी खात्मा कर सकेंगे जो बच्चों का शिकार करते हैं।”

आज जिला पंचायत सभागार कक्ष बदायूं में मानव दुर्व्यापर विरोधी दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें प्रोग्राम मैनेजर गंगा सिंह द्वारा कार्यकम जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन्स एलायंस द्वारा न्याय तक पहुंच कार्यक्रम को संस्था काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान द्वारा पांच विकास खण्डों की 50 ग्राम पंचायतों में बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण एवं बाल तस्करी पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री अभय कुमार द्वारा किया गया कार्यशाला में आए 50 ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान, वॉलेंटियर, पंचायत सहायक व अन्य समाज सेवी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी इसी के साथ बाल कल्याण समिति सदस्य श्रीमती सविता मालपाड़ी द्वारा बच्चों के पॉक्सो एक्ट, संरक्षण देख भाल के बारे में समझाया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से श्री उदयपाल सिंह ने बाल श्रम के बारे में समझाया, रीतू उपाध्याय ने महिला सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से उपस्थित लोगों को जानकारी दी, इसी क्रम में जी0आर0 पी0 से श्री जितेंद्र कुमार द्वारा बाल तस्करी के बारे में विस्तार से समझाया तथा प्रोफेसर डॉक्टर श्री मनवीर सिंह ने उपस्थित सभी के लिए बाल अधिकार पर विस्तार से जानकारी दी इसके उपरांत शिक्षा विभाग से जिला समन्वयक पी सी श्रीवास्तव ने निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के बारे में विस्तार से समझाया कार्यक्रम का संचालन संस्था समन्वयक देवेन्द्र पाल जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अन्त में संस्था सचिव मीना सिंह द्वारा कार्यकम में आए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।


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