बेसिक स्कूलों में नौनिहालों की खेल किटों में हो रहा बड़ा खेला
बीएसए कार्यालय पर लग रहा मोटी कमीशन लेने का आरोप
सीधे खरीदने के बजाय स्कूलों में एजेंट पहुंचा रहे हैं किटें
किटों में 50 लाख का हुआ कमीशन का खेला
बदायूं का बेसिक शिक्षा विभाग लगातार विवादों में रहता चला आ रहा है। इस समय शासन द्वारा बेसिक स्कूलों के बच्चों के लिए खेल किट खरीदने हेतु धनराशि स्कूल के खातों में भेजी गई है और खरीद की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होती है कि वह देखभाल कर अच्छा एवं जरूरत का खेल सामान अपने विद्यार्थियों के लिए खरीद सके। लेकिन इसमें विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जमकर खेला किया गया है। इन लोगों ने कुछ फर्मों को पूरे जनपद के लगभग 2500 विद्यालयों में खेल किटों को डालने के लिए कह दिया है, बदले में इन फर्मों से 25 प्रतिशत कमीशन तय कर लिया गया है जिसमें 15 प्रतिशत एडवांस एवं बाकी किटें पड़ने के बाद। अब जब ये किटें विद्यालयों में गई तो प्रधानाध्यापक ने किटें लेने से मना कर दिया और कहा कि हम अपनी जरूरत के हिसाब से सामान खरीदेंगे तो विभागीय अधिकारियों ने ऐसे प्रधानाध्यापकों पर नाजायज दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद भी कुछ प्रधानाध्यापक नहीं माने तो उन्हें जांच के नाम किसी अन्य तरीके परेशान किया जा ने लगा। जिन जिम्मेदारों को इस भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास करना चाहिए, वे भी लोग इसमें लिप्त हो गए और बंदरबांट करने लगे। हमारी टीम ने इन किटों को गाड़ी भरकर ले जाते हुए वीडियो भी बनाई है। शासन की योजना को कमीशन के नाम पर बरबाद किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप जब खेल का सामान नहीं मिल पाएगा तो उनकी प्रतिभा का भी हनन होगा। देखते हैं कि अब ऐसे में उच्चाधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।
Budaun Amarprabhat