बदायूं — संवाददाता
बदायूं। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग, बरेली मंडल के तत्वावधान में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जनपद बदायूं के विकासखंड म्याऊं में पंचायत सहायकों और ग्राम पंचायत सचिवों के लिए दो दिवसीय ओएसआर (Own Source Revenue) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी पंचायतें आत्मनिर्भर बनें और पंचायत में मौजूद विभिन्न संसाधनों के माध्यम से अपनी आय सृजित करें। जब पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी और उनके पास स्वयं का धन होगा, तो वे स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र का बहुमुखी विकास कर सकेंगी।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर रूपेंद्र पटेल ने ओएसआर की आवश्यकता और महत्व को कहानियों, वीडियो और उदाहरणों के माध्यम से विस्तार से समझाया। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि ओएसआर क्या है और क्यों आवश्यक है।
मास्टर ट्रेनर अमरीश पटेल ने बताया कि ओएसआर को पंचायत में कैसे उत्पन्न किया जा सकता है और इसके लिए कौन-कौन से माध्यम अपनाए जा सकते हैं। वहीं, मास्टर ट्रेनर कृष्ण चौहान ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 37 के तहत कर और सेवा शुल्क लगाकर पंचायत के राजस्व सृजन के तरीकों की जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त, मास्टर ट्रेनर राहत ने प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों की सफलता की कहानियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया, जिन्होंने ओएसआर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत अधिकारियों को वित्तीय सशक्त बनाने के साथ-साथ पंचायतों के सतत विकास और स्वावलंबन की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना है।
Budaun Amarprabhat