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एआई को हैल्थ सेक्टर में भी बड़ी जिम्मेदारी देने को मंथन

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सूबे सरकार के स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण, आईटी एवम् इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की ओर से इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 की रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रिंसिपल प्रो. एनके सिंह के संग-संग रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी ने बतौर नोडल अधिकारी की शिरकत

मुरादाबाद। सूबे सरकार के स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण, आईटी एवम् इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की ओर से इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 की रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रिंसिपल प्रो. एनके सिंह के संग-संग रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी ने बतौर नोडल अधिकारी प्रतिनिधित्व किया। यह केवल एक तकनीकी संगोष्ठी नहीं थी, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व के लिए एक उच्च-स्तरीय ओरिएंटेशन था, जिसमें विस्तार से बताया गया कि कैसे एआई स्वास्थ्य प्रशासन से लेकर सीधे पेशेंट मैनेजमेंट तक सब कुछ मौलिक रूप से बदल देगा। प्रो. सिंह कहते हैं, केवल नवाचार ही हमारा लक्ष्य नहीं है। भारत जैसे विशाल राष्ट्र में एआई को प्रभावी बनाने के लिए, हमें सिर्फ निर्माण से आगे बढ़कर प्रमाणित परिनियोजन की ओर बढ़ना होगा। अब हम राज्य-व्यापी स्तर पर क्यूरेट किए गए, प्रामाणिक डेटा का उपयोग करते हुए मल्टी-सेंटर वैलिडेशन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रो. रस्तोगी कहते हैं, हम विकसित भारत में सभी के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। बतौर नोडल ऑफिसर इस यात्रा में सबसे आगे मेरा रहना टीएमयू हॉस्पिटल परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। उल्लेखनीय है, इस कॉन्फ्रेंस में वाणिज्य एवम् उद्योग मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवमम् सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, यूपी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम एवम् चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री ब्रजेश पाठक समेत एक दर्जन मंत्री और आला अफसरों के अलावा गूगल, नीदरलैंड के एक्सपर्ट्स की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।

दो दिनी यह कॉन्फ्रेंस एलेट्स टेक्नोमीडिया के सहयोग से लखनऊ के द सेंट्रम में हुई। देशभर में हो रही आठ रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस सीरीज के तहत आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में डिजिटल गवर्नेंस, हेल्थकेयर इन्नोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित सार्वजनिक सेवाओं में यूपी की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें हेल्थ सिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं में एआई के रियल-टाइम उपयोग को प्रस्तुत किया गया। साथ ही सरकार, इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की गई। उल्लेखनीय है, सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और परिणाम 16 फरवरी को होने वाले इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के राष्ट्रीय रोडमैप में शामिल किए जाएंगे। रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 में ग्लोबल एआई परिदृश्य, एआई आधारित हेल्थकेयर, राज्य स्तरीय तैयारी, डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई आधारित डायग्नोसिस, क्लिनिकल इन्नोवेशन और वर्कफोर्स एम्पावरमेंट पर इंटरेक्टिव सत्र भी हुए। साथ ही स्टार्टअप शोकेस, हैकाथॉन रिजल्ट और इंडस्ट्री डेमो भी दिखाए गए। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य एआई को जिम्मेदारी, समावेशिता और बड़े स्तर पर अपनाने पर राष्ट्रीय चर्चा को आगे बढ़ाना है।


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