बिजली विभाग में मनमानी के खिलाफ संविदा कर्मचारी लामबंद, 13 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
बिना सीढ़ी खंभे पर चढ़ाने के दबाव से नाराज कर्मचारी; सुरक्षा उपकरण और लंबित वेतन भुगतान की उठी मांग
बदायूँ। विद्युत विभाग के आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर हो रहे शोषण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर कार्यरत कुशल श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन बिना सीढ़ी के बिजली के खंभों पर चढ़कर कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर उन्हें ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ श्रमिक बनाने या सेवा से हटाने की धमकियां दी जा रही हैं।
कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परिचालन, अनुरक्षण और राजस्व वसूली का कार्य करने वाले कुशल श्रमिकों को लाइनमैन का काम करने के लिए मजबूर करना पूरी तरह से गलत है। बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के खंभों पर चढ़ाना कर्मचारियों की जान जोखिम में डालने जैसा है, जिससे बड़ी विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
अधिशासी अभियंता को प्रेषित नोटिस में संगठन ने अपनी मांगों की सूची रखते हुए 12 जुलाई 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि 12 जुलाई तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 13 जुलाई 2026 से अधिशासी अभियंता कार्यालय के समक्ष सभी आउटसोर्स संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी औद्योगिक अशांति या व्यवस्था बिगड़ने के लिए पूर्णतः विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
Budaun Amarprabhat