वजीरगंज। महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करने और समय पर इलाज कराने के महत्व को लेकर प्राथमिक विद्यालय गोठा पर रैली और गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पी एम डब्ल्यू विमल वार्ष्णेय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “कुष्ठ रोग का इलाज पूरी तरह संभव है और रोगियों के साथ समान व्यवहार जरूरी है।”
कार्यक्रम में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की जानकारी दी गई। यह अभियान 30 जनवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक चलेगा। गोष्ठी में बताया गया कि कुष्ठ रोग की पहचान सरल है। इसके लक्षणों में हाथ-पैर में सुन्नपन, झनझनाहट, चलते समय जूते-चप्पल का उतरना आदि शामिल हैं।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र कुमार, विमल वार्ष्णेय और समस्त स्कूल स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करना और कुष्ठ रोगियों के प्रति समाज में संवेदनशील दृष्टिकोण बढ़ाना था।
Budaun Amarprabhat