बदायूँ।
उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान #OperationConviction के तहत बदायूँ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। युवक के अपहरण कर फिरौती मांगने और पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने वाले अभियुक्त को न्यायालय ने सख्त सजा सुनाई है।
थाना कादरचौक में वर्ष 1998 में दर्ज मामले में अभियुक्त रामप्रकाश पुत्र जागन निवासी गंजडुंडवारा (जनपद एटा) को दोषी पाते हुए माननीय न्यायालय ने सश्रम आजीवन कारावास और कुल 35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले में धारा 364A (अपहरण कर फिरौती), धारा 307 (हत्या का प्रयास) तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। न्यायालय ने धारा 364A में उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ के पर्यवेक्षण में की गई। मामले को चिन्हित कर अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए मॉनिटरिंग सेल और थाना कादरचौक के पैरोकार आरक्षी शिवम कुमार ने प्रभावी पैरवी की।
इस केस में लोक अभियोजक पशुपतिनाथ श्रीवास्तव और तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक आनन्द प्रकाश शर्मा की भूमिका भी सराहनीय रही, जिनकी सशक्त पैरवी के चलते लंबे समय बाद आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।
Budaun Amarprabhat