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बदायूँ।
जनपद में चल रहे #OperationConviction अभियान के तहत बदायूँ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। युवक का अपहरण कर फिरौती मांगने और जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को न्यायालय ने सख्त सजा सुनाई है।
थाना कादरचौक में वर्ष 1998 में दर्ज मामले में अभियुक्त शिब्बू उर्फ साबिर पुत्र खैराती निवासी जोरी नगला (कादरचौक) को दोषी पाते हुए माननीय न्यायालय ने सश्रम आजीवन कारावास और कुल 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय ने धारा 364A (अपहरण कर फिरौती) में दोषी पाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 307 (हत्या का प्रयास) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक अशोक कुमार शर्मा और उपनिरीक्षक श्रीपाल सिंह द्वारा पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर इस केस को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित कर विशेष रूप से मॉनिटर किया गया।
मॉनिटरिंग सेल बदायूँ और पैरोकार कांस्टेबल शिवम कुमार (थाना दातागंज) की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय में अभियोजन पक्ष मजबूत रहा। इस दौरान लोक अभियोजक पशुपतिनाथ श्रीवास्तव की भूमिका भी सराहनीय रही।
बदायूँ पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाकर कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
Budaun Amarprabhat